कमला हवन यज्ञ

कमला देवी हवन
कमला देवी की कृपा से पृथ्वीपतित्व तथा पुरुषोत्तमत्व दोनों की प्राप्ति हो जाती है।

कनकधारा स्तोत्र और श्रीसूक्त का पाठ, कमलगट्टों की माला पर श्रीमन्त्र का जप, बिल्वपत्र तथा बिल्वफल के हवन से कमला की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

स्वतन्त्र तन्त्र में कोलासुर के वध के लिए इनका प्रादुर्भाव होना बताया गया है।
मन्त्रों का जाप करने के बाद दिए गये मन्त्र जिसका आपने जाप किया हैं उस मन्त्र का दशांश ( 10% भाग ) हवन अवश्य करें !

हवन में कमल गट्टे, लाल पुष्प, शुद्ध घी ,हवन सामग्री को मिलाकर आहुति दें !

हवन के बाद कमला यंत्र को एक साल के लिए वही रख दें जंहा आपने साधना की हैं, और बाकि बची हुई पूजा सामग्री को नदी या किसी पीपल के नीचे विसर्जन कर आयें !

ऐसा करने से साधक की Kamala Sadhana पूर्ण हो जाती हैं ! और साधक के ऊपर माँ कमला देवी की कृपा सदैव बनी रही हैं ! Kamala Sadhana करने से साधक के जीवन में धन, धान्य, भूमि, वाहन, लक्ष्मी आदि की प्राप्ति होती है ! धन से जुडी सारी समस्या समाप्त हो जाएगी !

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